बिहार – केन्द्रीय मंत्री सह लोजपा के संस्थापक रामविलास पासवान के निधन से तथा राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के लम्बी समय से जेल में बंद रहने से

बिहार हलचल न्यूज ,जन जन की आवाज

रिपोर्ट – राज कुमार सिंह

पटना – केन्द्रीय मंत्री सह लोजपा के संस्थापक रामविलास पासवान के निधन से तथा राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के लम्बी समय से जेल में बंद रहने से बिहार की राजनीति में भूचाल आ, गया है। वैसे में आधार वोट बैंक वचाए रखना बहुत बडी चुनौती है! 1990 के सर्वण मानसिकता से ग्रस्त पिछडों का उभार हो चुका था। वैसे में पिछडों के उभार के दौर में से आगे निकल कर सुर्खियों में आये राजद, सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव एवं लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान ने जिस तरह से हर समाज में ताल मेल बिठाया जिसका परिणाम है । बिहार की राजनीति में पिछडों का जज्बा आज तक कायम है! लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान ने पिछडे समाज के उभार में समाज के हर वर्ग से ताल मेल बिठा कर दलित समाज को आधार बनाया! साथ ही मौसम के मिजाज़ के अनुसार एनडीए एवं यूपीए सरकार में शामिल रहकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई! वही जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पला बदल कर 15 वर्ष से सत्ता का सुख भोगता रहा। अभी भी दोनों राजनीति के महानायक के अनुपस्थिति में शिरकत देना चाहते हैं नीतीश कुमार ने समाज को पिछडा से अतिपिछड़ा एवं दलित को महादलित में बाटकर लालू एवं पासवान के आधार वोट को खत्म कर सत्ता पर काबिज है।वैसे में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने अपने पुत्र तेजस्वी प्रसाद यादव को उतराधिकारी चुन महागठबंधन के नेता बनाया वही रामविलास पासवान ने चिराग पासवान को लोजपा के सांसद ही नही राष्टीय अध्यक्ष बनाकर नया पारी खेलते हुए जिम्मेदारी सौपा है। राजनीतिक विश्लेषक रंजय कुमार का मानना है कि तेजस्वी एवं चिराग राजनीतिक सियासत बरकरार रख पायेंगे। वैसे में पिछडा एवं दलित आधार वोट बैंक को बचाये रखने तेजस्वी एवं चिराग पासवान के सामने बहुत बड़ा चुनौती है।सबसे बड़ा घर के परिवार को समेटे रखना, पार्टी, कार्यकर्ताओं को के बीच संतुलन बनाकर रखना, साथ ही केन्द्र एवं राज्य सरकार के बीच ताल मेल बिठाना बहुत बडा चुनौती है।हलाकि दोनों अलग अलग गठबंधन के साथ है नीतीश कुमार ने इस चुनाव में विकास पर चुनावी मुद्दा नहीं बनने देते वे हर बार 2005 के पहले वाले लालू राबडी के जंगल राज्य के पुराने हथियार का मुद्दा बनाकर लडना चाहते हैं वैसे में देखना है कि अपने पिता के विरासत को कितना सवारतें है।

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