पश्चिम चंपारण – कोविड-19 और बाढ़ के बाद, अब महंगाई की मार झेलने को विवश आमजन,सब्जियों के दाम सातवें आसमान पर

बिहार हलचल न्यूज ,जन जन की आवाज

 रवि रंजन कुमार पाण्डेय की रिपोर्ट

वैश्विक आपदा कोविड-19 का कहर जारी ही है कि बीच में बाढ़ ने आमजन का हाल बिल्कुल बेहाल कर दिया। रोजी रोजगार बंद होने और धान और गन्ने की फसल तबाह होने के बाद लोग त्रस्त ही है कि सब्जियों के दाम ने उनको रुलाना शुरू कर दिया है। बाजार में सब्जियों के दाम सातवें आसमान पर हैं जिसके कारण लोगों की थालियों से अब सब्जियां गायब होने लगी है। मझौलिया बाजार में परवल ₹60 से ₹80 प्रति किलो फूलगोभी ₹100 प्रति किलो बंधा गोभी ₹60 किलो करैला₹60 किलो बैगन और भिंडी ₹40 प्रति किलो आलू ₹40 प्रति किलो प्याज ₹35 प्रति किलो घेवडा ₹30 प्रति किलो बिक रहा है। सब्जियों के दाम में हुई बेतहाशा वृद्धि ने आमजन को रोने पर विवश कर दिया है।महंगाई चरम सीमा तक पहुंच गई है और आमजन में त्राहिमाम मचा हुआ है। लोगों का कहना है कि पहले दाल के दाम ने रुलाया था उसके बाद प्याज ने रुलाया था अब आम सब्जियां भी रुला रही है। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि बाढ़ के कारण धान और गन्ने की फसल तो बर्बाद हो ही गए हैं साथ ही साथ सब्जियां भी बाढ़ की शिकार हो गई है। जिसके कारण दाम में वृद्धि हुई है।विदित हो कि सब्जियों के बढ़ते मूल्य ने आमजन को बगैर सब्जी भोजन करने पर विवश कर दिया है।

इस संदर्भ में प्रखंड कृषि पदाधिकारी दिलीप कुमार सिंह का कहना है कि प्राकृतिक आपदा बाढ़ ने सब्जियों की खेती को नष्ट करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। जलजमाव से भी सब्जी की फसल प्रभावित हुई है। उत्पादन कम होने से बाजार में सब्जियों की आवक कम है जिसके कारण सब्जियों के दाम में बेतहाशा वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा समय-समय पर चौपाल के माध्यम से लोगों को बताया जाता है कि अपने घर के आस-पास भी लौकी घेवड़ा भिंडी कोहड़ा फूलगोभी आदि लगाकर उत्पादन कर सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

code