बख्तियारपुर विधानसभा में प्रोफ़ेसर राजीव रंजन उर्फ संजय कुमार यादवेंदू पहचान के मोहताज नहीं है सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता हैं

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रिपोर्ट – शयमनन्दन यादव

बख्तियारपुर विधानसभा में यादवेंदू ही बचा सकते हैं भाजपा को बख्तियारपुर विधानसभा में प्रोफ़ेसर राजीव रंजन उर्फ संजय कुमार यादवेंदू पहचान के मोहताज नहीं है ।सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता हैं यादवेंद्र जी वित्त रहित कालेज में शिक्षक हैं। इनका जन्म रामनगर दियारा सतभैया पंचायत के अंतर्गत एक मध्यवर्गीय किसान परिवार में हुआ था। उनके पिताजी लगातार 25 वर्षों तक मुखिया रहे राजनीत उन्हें विरासत में मिला है यादवेंद्र जी 1989 से ही राजनीतिक एवं सामाजिक कार्य में सक्रिय है ।राजनीति में विभिन्न पदों पर रहकर पंचायत प्रतिनिधि के रूप में जनता की सेवा करते रहे वे एक मृदुभाषी व्यक्तित्व के धनी हैं। इनमें यह कला है कि अपने अच्छे से अच्छे लोगों को आकर्षित कर लेते हैं लोग इनके बड़े भाई भी प्रोफेसर हैं छोटे भाई भी केंद्रीय विश्वविद्यालय में प्रोफ़ेसर हैं। और एक भाई हाई स्कूल के शिक्षक हैं। इनकी पत्नी भी शिक्षिका है उनके पिताजी भी उस जमाने के बीएससी हैं जब यादव समाज में शिक्षा बहुत कम था। हर समाज में इनका एक अलग पहचान है ।इन्होंने अभी वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के जिला उपाध्यक्ष सह जिला किसान मोर्चा प्रभारी के रूप में संगठन जिला बाढ़ का दायित्व निर्वहन कर रहे हैं इसके पहले भी वे 2000 में भारतीय जनता पार्टी विनोद यादव के विधायक प्रतिनिधि के रूप में रहे थे। 2000 में पटना जिला दूरसंचार सलाहकार समिति के सदस्य मनोनीत किया गया था 2001 में पंचायत समिति सदस्य बख्तियारपुर भी निर्वाचित हुए थे। प्रमुख का चुनाव इन्होंने एकमत से हार गए थे। बे 1995 में बख्तियारपुर घाट के दियारा में नाव डूबी थी। उसमें 37 लोग डूब गए थे कुछ लोगों का लाश मिला अधिकांश लाश नहीं मिल पा रहा था उन्होंने उस समय एस्टीमेट से लाशों को खोजने का काम किया और लगातार 10 दिन तक लाश को खोज खोज कर लाए थे उस समय एक मिसाल के रूप में यादवेंद्र जी को देखा जा रहा था। बख्तियारपुर में गंगा के कटाव से सोहन राय टोला पंचायत और रामनगर दियारा सतभैया पंचायत कट रहा था उस वक्त उन्होंने धरना प्रदर्शन करके लोगों का आवास के लिए मांग किया । इन्होंने 1996 में बख्तियारपुर थाना के पास लगातार 7 दिन तक उपवास अपने साथियों के साथ करके अनुमंडल बनाने की मांग की। खुसरूपुर नगरनौसा रोड के लिए इन्होंने खुसरूपुर में अपने साथियों के साथ धरना देने का कार्य किया था। बिहार सरकार ने दियारा के जमीनों को बिहार सरकार कर दिया इन्होंने अनुमंडल से लेकर प्रखंड स्तर तक धरना देकर सरकार से मांग की दियारा की जमीनों को किसानों को बाजीव मालिकाना हक दिया जाए और रसीद काटने का आदेश दिया जाए जमीन बेचने एवं खरीदने का आदेश दिया जाए अभी तक यह आंदोलन दियारा विकास मंच के बैनर तले इन्होंने दियाराविकास मंच के संयोजक के रूप में कार्य अभी तक जारी रखे हुए हैं। इसमें बाढ़ के रैली से लेकर बख्तियारपुर तक के दियारा के किसान इस आदेश से प्रभावित हैं। यादवेंद्र जी के नेतृत्व में यह कार्य कर रहे हैं छोटे भाई की पत्नी नगर पंचायत के वार्ड आयुक्त रही है अभी भी दो अति पिछड़ा वार्ड को जीतने का श्रh इनके ऊपर ही जाता है क्योंकि इनके द्वारा दिया गया उम्मीदवार ही रिकॉर्ड मत से जीत h वर्तमान में प्रदेश नेतृत्व एवं केंद्रीय नेतृत्व को अपना बायोडाटा देकर बख्तियारपुर विधानसभा में अपनी उम्मीदवारी का दावा ठोका है यादवेंद्र जी एक ईमानदार छवि के रूप में जाने जाते हैं बात करने पर स्पष्ट रूप से कहते हैं कि मैं टिकट लेकर आऊंगा और कमल को ही खिलाऊंगा। इनका यह मानना है कि जो विकास बख्तियारपुर का होना चाहिए था वह विकास नहीं हो सका क्योंकि राजनीतिक को लोगों ने व्यवसाय समझा है ना कि सेवा जब सेवा भाव से राजनीति किया जाएगा तो निश्चित तौर पर बख्तियारपुर के विकास होगा अभी आप चले जाइए दियारा में यहां की स्थिति बहुत खराब है मैंने बख्तियारपुर प्रखंड के 16 पंचायत का भ्रमण करने का कार्य किया सभी जगह स्थिति काफी दयनीय है दनियामा का सुदूर इलाका वहां 6 पंचायत है वहां भी स्थिति बहुत दयनीय है। खुसरूपुर का साथ पंचायत है नगर पंचायत के 10 वार्ड मैं किसी प्रकार का विकास नहीं हुआ है। तल क्षेत्र में कहीं विकास नहीं दिखाई पड़ता है माननीय प्रधानमंत्री जी जिस तरह का कार्य पूरे देश में करने काम किया है डंके की चोट पर दिखाई पड़ता है लेकिन जो विधायक का प्रतिनिधि का अपना राशि होता है वह कहीं दिखाई नहीं पड़ता मैंने देखा कि पूर्व के विधायक का बोर्ड लगा हुआ है। लेकिन वर्तमान कहीं दिखाई नहीं पड़ता मुझे आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि हमारे प्रदेश नेतृत्व एवं केंद्रीय नेतृत्व चाएंगे क्योंकि यहां व्यक्ति विशेष से लोग नाराज हैं। ना की भारतीय जनता पार्टी से । अगले चुनाव में भी अनिरुद्ध हरा व का नारा था ना कि राष्ट्रीय जनता दल उसी तरह से अभी वर्तमान में रणविजय सिंह उर्फ लल्लू मुखिया हां राओ का नारा है ना कि भारतीय जनता पार्टी को। अब देखना यह है कि कौन क्या कर पाते हैं अगर यादवेंद्र जी को भारतीय जनता पार्टी ने अपना उम्मीदवार बना दिया तो यह सीट भारतीय जनता पार्टी के झोली में जाएग। नहीं तो राष्ट्रीय जनता दल बहुत वोटों से यहां अपना जीत दर्ज करेगा।

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