किसनगंज – रासायनिक खाद के प्रयोग से खेत हो रहा बंजर – मो0 फैजान आलम (अध्यक्ष)

बिहार हलचल न्यूज ,जन जन की आवाज

रिपोर्ट- अबू फहरान छोटू 
अंबेडकर सामाजिक आर्थिक विकास समिति के द्वारा बिहार के 38 जिलों में पंचायत स्तर पर किसानों को जैविक खेती की ओर अग्रसर किया जा रहा है । इस संस्था के अध्यक्ष मोहम्मद फैजान आलम अपने मीटिंग में किसानों को जैविक खाद से होने वाले फायदे और रासायनिक खाद से होने वाले नुकसान के बारे में बताते हैं । और किसानों को यह भी समझाते हैं कि वह दिन दूर नहीं जब हमारे खेत से कुछ भी नहीं उज्जैन इसलिए हमें वक्त रहते अपने खेतों की ओर ध्यान देना चाहिए वक्त की जो मांग है और खेत की जो डिमांड है ।उस को ध्यान में रखते हुए हमें फिर से अपनी पुरानी सभ्यता संस्कृति को अपनाना होगा, क्योंकि यह जैविक खेती हमारे पूर्वजों की देन है और विदेशी ही हमसे यहां से सीख कर गए हैं और वह लोग पहले से ही जैविक खेती कर रहे हैं लेकिन हम लोग नहीं कर रहे हैं और हम लोगों को भी अपने देश को समृद्ध और विकसित बनाने के लिए जैविक खेती की ओर बढ़ना होगा तब जाकर हमारा किसान समृद्ध और विकसित बन सकता है क्योंकि जैविक खेती करने में भले ही हमें पूंजी कम लगती है लेकिन उत्पादन भी हमें अच्छा मिलता है और हमारे उत्पादन का मूल्य अधिक मिलता है शुरु-शुरु में भले ही उत्पादन कब मिले या हो सकता है ।जितना पूंजी हम लगाए हैं उतना ही उत्पादन मिलेगा लेकिन दूसरे सीजन में अपने आप उत्पादन बढ़ जाता है ।क्योंकि खेत की उर्वरा शक्ति धीरे-धीरे बढ़ती जाती है खेत की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी तो उत्पादन भी बढ़ता जाएगा ।इसलिए हमें अपने खेत की उर्वरा शक्ति को बढ़ाने के लिए जैविक खेती की ओर बढ़ना होगा जैविक खेती की एक ऐसी खेती है जिससे किसान कम से कम पूंजी में खेती करके ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमा सकता है और अपने उत्पादन का अच्छा मूल्य भी प्राप्त कर सकता है ।
किसी विषय पर हमारी संस्था बिहार के 38 जिला में लोगों को जैविक खेती के लिए प्रेरित कर रही है ताकि हमारी बंजर होती भूमि बच सके।

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