मधुबनी – जयनगर /सरकार की बड़ी योजना विफल , जहां गरीब दाने दाने को मोहताज ,सर रहे वर्षा में अनाज।।2 . फुलपरास /आफत से तबाह हुआ परिवार, बज्रपात ने छीन लिया एक ही परिवार के तीन जिंदगी

बिहार हलचल न्यूज ,जन जन की आवाज

रिपोर्ट – पांडव कुमार यादव

 

जयनगर / सरकार की एक बड़ी योजना विफल दिखाई दे रही है। जहां गरीब दाने दाने को मोहताज है। वही सरकार कान में तेल डाल कर सोयी है। किसी भी तरह की विपदा आये इससे निपटने के लिए सरकार दावे ठोकती है। लेकिन कहीं न कहीं गरीब इंसान ही सरकार के दावे की चक्की में पीसता है।

एक झलक

मधुबनी जिला के जयनगर रेलवे स्टेशन पर बने रैक पॉइंट की है जहां हज़ारों टन अनाज उतरता है और fci जयनगर में जाता है। fci गोदाम और रेलवे रेक पॉइंट की दूरी महज़ 200 से 300 मीटर की होगी। लेकिन हर वर्ष होने वाले वर्षा से हज़ारों टन अनाज भीग कर खराब हो जाता है। क्योंकि यहां ट्रैन से जो अनाज उतरता है वह रैक पॉइंट खुला है उसके ऊपर छत नही है। अनाज उतारने के बाद कई दिनों तक खुले में रेक पॉइंट पर ही रहता है। जिसका कोई देखभाल करनेवाला नही होता। कई बार जब मीडिया पदाधिकारियों से पूछती है तो वह मीडिया के डर से भागता है। कैमरे के सामने बोलने से डरता है।

यह हाल एक ही वर्ष की नही है। जब भी बरसात होता है हज़ारों टन अनाज भींग कर नष्ट हो जाता लेकिन इसके लिए ना ही तो सरकार की आंखे खुलती है ना ही सरकार के आलाधिकारियों की। बात यहीं नही रुकती जो सरकार गरीब के नाम पर वोट बटोरती है वही सरकार और उसके आलाधिकारी प्राकृतिक आपदा कह कर बात को टाल देते हैं और गरीब के घर अनाज सही वक्त और सही मात्रा में नही पहुँच पाता।

 

2 . फुलपरास /आफत से तबाह हुआ परिवार, बज्रपात ने छीन लिया एक ही परिवार के तीन जिंदगी 

 

फुलपरास थाना क्षेत्र अंतर्गत सुगापट्टी गांव में सुबह आसमान से टूटी आफत के कहर ने एक परिवार का सब कुछ छीन लिया। गौरतलब है कि मौसम विभाग ने 24 जून से 29 जून तक जिले में भारी वर्षापात व अतिवृष्टि होने का संभावना व्यक्त किया था। लेकिन कुदरत का विज्ञान किसको कब अपने आगोश में ले लेगा इसकी भनक भी इन तबाह हुए परिवार को नहीं था। संतोष यादव उम्र 27 वर्ष अपने पत्नी चन्द्रकला देवी 25 वर्ष व पिता मुसन यादव 61 वर्ष के साथ वृहस्पति वार को सुबह अपने खेत में धान का बिचरा उखाड़ने के लिए गया था। अचानक करीब 07:30 बजे आसमान से लगातार गरजना हो रही थी। उसी वक्त तीनों का मन विचलित होने लगा और खेत में बने मेड़ पर बैठ गया तभी आसमान से वज्रपात (ठनका) गिरा और तीनों का मौत मौके पर हो गया। जिसमें मृतक चंद्रकला का हाथ झुलसा हुआ पाया गया और मृतक मुसन यादव के मस्तिष्क के पीछे का हिस्सा झुलसा पाया गया है। मृतक के परिवार और सगे संबंधी का रो – रो कर बुरा हाल है। मृतक संतोष व चन्द्रकला अपने पीछे दो छोटे- छोटे बच्चें एक पुत्र 6 वर्ष का और एक पुत्री 3 वर्ष का छोड़ गए। पूरा गांव मातम में डूबा हुआ है, मृतक के परिवार में सिर्फ दो दूध मुहे बच्चा ही बच गया है।

मृतक मुसन यादव का इकलौता पुत्र संतोष था। अब इन दो बेसहारा का पालन कौन करेगा। लोग स्तब्ध है, भगवान ऐसा दुःख किसी को ना दें। मौके पर पहुंची फुलपरास थाना ने मृत तीनों शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल मधुबनी भेज दिया है। सूत्रों कि माने तो तरके सुबह हुई वज्रपात में फुलपरास में ही 2 किलोमीटर के क्षेत्र में 3 अलग- अलग घटना हुई है। जिसमें बेलहा गांव में पति – पत्नी दोनों की मौत ठनका (वज्रपात) के चपेट में आने से हुई है। तो वहीं बलुआ गांव में एक व्यक्ति की मौत भी इसी कारण से हुई है।एक बात तो स्पष्ट है कुदरत के आगे किसी का एक नहीं चल सकता है।

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