मधुबनी – नेपाल द्वारा तटबंध निर्माण में बाधा उत्पन्न करने के कारण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहुँचे अवरोध स्थल, कमला नदी के बाढ़ से तटबंधों के निर्माण का किया निरीक्षण

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संयुक्त सम्पादक – सुभाष सिंह यादव 

जयनगर /बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार 24 जून को दोपहर दो बजे सड़क मार्ग से मधुबनी जिले के जयनगर पहुँचे। जयनगर में कमला नदी पर बाढ़ से क्षतिग्रस्त तटबंधों के निर्माण कार्य का जायजा लिया। कमला नदी के तटबंध का कुछ हिस्सा नो मेंस लैंड पर होने के कारण नेपाल द्वारा तटबंध निर्माण में बाधा उत्पन्न करने के कारण आई रूकावट स्थल भी पहुँचे। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन, एसएसबी, जल संसाधन विभाग के पदाधिकारी व अभियंताओं से तटबंध के निर्माण में आ रही परेशानी के बारे में भी जानकारी ली।

नेपाल से आने वाली कमला नदी में आई बाढ़ से पिछले वर्ष भारी तबाही हुई थी और कमला नदी का तटबंध मधुबनी जिले में दर्जनों जगहों पर टूट गया था। वर्तमान में टूटे तटबंधों का पुनर्निर्माण कार्य किया जा रहा है जिसमें तटबंध का कुछ भाग नोमेंस लैंड क्षेत्र में आता है। इस कारण नेपाल की एपीएफ(आर्म्ड पुलिस फोर्स) ने टूटे तटबंध के निर्माण पर रोक लगा दी है। यहाँ निचले स्तर पर बातचीत से कोई हल निकलता नहीं दिख रहा था, फिर 16 जून को मधुबनी डीएम ने भी अवरुद्ध तटबंध स्थल का दौरा किया और परिणाम सकारात्मक नहीं आने और अंतर्राष्ट्रीय मामला होने के कारण आज मुख्यमंत्री को यहाँ आना पड़ा। तटबंध जहां समाप्त होता है वहां से भारत-नेपाल के जयनगर-जनकपुर-बिजलपुरा-बर्दीवास रेललाइन भी गुजरती है। नेपाल के विरोध के कारण यहां तटबंध की चौड़़ाई 15 फीट की बजाय 8 फीट चौड़ाई में ही तटबंध निर्माण हो सका है, पहले से 7 फीट चौड़ाई कम करनी पड़ा है।

तटबंध निर्माण अवरुद्ध स्थल के बाद मुख्यमंत्री ने कमला नदी पुल का भी निरीक्षण किया जहाँ पिछले वर्ष 13 जुलाई 2019 को पुल के ऊपर से बाढ़ का पानी बहने लगा था। निरीक्षण के दौरान कमला नदी में गाद भरे होने की भी जानकारी सम्बंधित अधिकारियों से ली। कमला पुल निरीक्षण और तटबंधों के निर्माण की जानकारी लेते हुए मुख्यमंत्री पर्णकुटी मंदिर के पास रूककर प्राकृतिक सौंदर्य का दर्शन किया। इस दौरान एनडीए के नेताओं द्वारा प्रशासन की मनमानी को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया गया। दोपहर 2 बजे जयनगर पहुँचने के बाद सर्वप्रथम एसएसबी 48वीं वाहिनी के इनरवा स्थित कमला बीओपी में उनको गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। इसके बाद अकौन्हा तटबंध, बलडीहा और इनरवा तटबंध, कमला पुल और अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा कार्यों का भी निरीक्षण किया।

बिहार से उत्तर में नेपाल से निकलने वाली नदियों के कारण प्रतिवर्ष आने वाली बाढ़ के कारण भारतीय क्षेत्र में यह रौद्र रूप धारण कर लेता है। जिस कारण कई जगहों पर बांध टूटने से जानमाल सहित अरबों की संपत्ति का भारी नुकसान हो जाता है, जिसकी नियंत्रण के लिए तटबंध पुनर्निर्माण प्रति वर्ष किया जाता है लेकिन इस वर्ष इस तरह का व्यवधान उत्पन्न हुआ है। अंतर्राष्ट्रीय मामला होने के कारण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अकौन्हा गाँव के रेलवे लाइन के पास तटबंध निरीक्षण के लिए आना पड़ा।

जयनगर आने से पहले मुख्यमंत्री दरभंगा एयरपोर्ट पहुँचे और वहाँ की स्थिति की भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री के सड़क मार्ग से जयनगर आने के कारण अन्य दिनों की अपेक्षा आज शहर पहले की तुलना में काफी साफ-सुथरा कर दिया गया था जहाँ अन्य दिनों में कोई अधिकारी-कर्मी साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखते, उस सड़कों की भी सूरत बदल सी गई थी और जयनगर नगर पंचायत जहाँ हमेशा साफ-सफाई-सुरक्षा के मामले में फिसड्डी रही है और खानापूर्ति कर इतिश्री कर लेती थी, वहीं आज जनप्रतिनिधि और अधिकारी जनता के बीच दिखे। इस दौरान उनके साथ जल-संसाधन मंत्री संजय झा, बिहार के मुख्य सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, सचिव मनीष कुमार वर्मा, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव अनुपम कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, मधुबनी जिलाधिकारी डॉ. नीलेश रामचंद्र देवड़े, पुलिस अधीक्षक डॉ. सत्यप्रकाश, एसएसबी 48वीं वाहिनी के समादेष्टा शंकर सिंह, उप-समादेष्टा हर्षित कुमावत, डीडीसी अजय कुमार सिंह, जयनगर एसडीएम शंकर शरण ओमी, अपर एसडीएम, डीएसपी, सर्किल इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार झा, विभिन्न प्रखण्डों के बीडीओ, सीओ, जयनगर अपर थाना अध्यक्ष सत्यनारायण सारंग, बिजली विभाग, जल संसाधन विभाग के अधिकारी समेत अन्य विभागों के पदाधिकारी, कर्मी, पुलिस बल, जवान उपस्थित थे।

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