मधुबनी – जरा संभल कर,यह है मौत की सड़क और ऊपर वाले के भरोसे है आपकी जिंदगी

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उमगांव बैंक चौक से बाजार चौक सड़क पूरी तरह बदहाल
बड़े-बड़े गड्ढे से आवाजाही बहुत मुश्किल
डंपरों और ट्रकों ने लिया यमराज का रूप

मरम्मत कराने की दिशा में अब तक कोई पहल नहीं

अंजुम की रिपोर्ट

बारिश के इस मौसम में सड़कों पर बने बड़े-बड़े गड्ढ़े मौत की खाई से कम नहीं हैं। अगर आप ऐसी सड़कों से गुजर रहे हैं तो आपकी जान एक तरह से भगवान भरोसे ही है। हम यहां बात कर रहे हैं प्रखंड मुख्यालय उमगांव से हटवरिया पुल तक की सड़क । इस सड़क से गुजर कर यदि आप सही सलामत रह जाते हैं तो समझिए आपने एक बड़ी जंग जीत ली है।
क्योंकि इस सड़क की स्थिति बदहाल होने से आए दिन दुघर्टनाएं हो रही है। लेकिन जिसके उपर इस सड़क को बनाने या देखरेख की जिम्मेदारी है वही ठिकेदार ने चुप्पी साध रखी है।हरलाखी प्रखंड के नहरनीया एंव सोठगांव के 16एंव 17 नंबर वार्ड की सीमा के ग्राम पंचायत का सडक है।ईसके वावजुद पंचायत स्तर से भी पहल नही किया जा रहा है ।पककी सडक नाली गली योजना मे भी हो सकता है।
बैंक चौक से बाजार चौक के बीच की सड़क की स्थिति जर्जर हो चली है।जबकी हरलाखी प्रखंड से जिला मुख्यालय तक जाने के लिए एक भी सड़क का हाल ठीक नही है । बल्कि उमगांव से भी बेनीपट्टी, साहरघाट, जयनगर और बासोपट्टी की सीमा पार करते ही इस सड़क की स्थिति बैलगाड़ी चलने लायक भी नहीं है। फिर भी साइकिल, रिक्शा, ई-रिक्सा , ऑटो, बस, कार के साथ ट्रक पर लदे बड़े-बड़े ट्रक और डंपर भी इसी सड़क से गुजरते हैं। इन ट्रकों की आवाजाही की वजह से ही सड़क का हाल बेहाल है। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे मौत की खाई के समान हैं। सड़क की जर्जर हालात की वजह से रोजाना सड़क हादसे हो रहे हैं। इतनी जर्जर सड़क पर रात नौ बजे के बाद से सुबह बालू लदे बड़े-बड़े ट्रक और डंपर के तांडव से इलाकाई लोग दहशत में हैं। इन ट्रकों के तांडव से इस सड़क पर कई लोग हादसे की बलि भी चढ़ गए हैं। पिछले रात भी पोखरा के पास जा रही बाजार चौक की ओर एक तेल के टीना भरा टाटा 407 ने सड़क किनारे एक मकान की चहारदीवारी के पास पलट गया।जिसमे ड्राइवर और खलासी बाल बाल बच गये। इस दुर्घटना में पास लगे बिजली के एक पोल को भी काफी नुकसान भी हुआ। गनीमत थी कि ट्रक दिवार पर अटक कर रुक गया, अन्यथा बड़ी घटना हो सकती थी। इस घटना के कुछ ही देर बाद इलाके में एक टेम्पु गड्ढ़े की वजह से सड़क पर पलट गई। हांलाकि उसमें कोई यात्री नहीं था। चालक को हल्की चोटें आई है।
इलाकाई लोगों का कहना है कि यह सड़क साइकिल-रिक्शा, ई-रिक्शा, ऑटो, बस और कार आदि वाहनों की क्षमता के अनुसार बनाई गई थी। लेकिन इस सड़क पर रात भर बड़ा-बड़ा ट्रकों और डंपरों का आना-जाना किसी यमराज के आने-जाने से कम नहीं है। इनकी वजह से ही सड़क का यह हाल है। ट्रकों और डंपरों की वजह से आए दिन सड़क हादसे ने कई लोगों की जान ले ली है। प्रशासन भी चुप्पी साधे है।

क्या कहते हैं ग्रामीण

इस संबंध मे स्थानीय लोगो नें बताया कि सड़क को फिर से बनाने के लिए राज्य पीडब्ल्यूडी ने टेंडर जारी किया था। सड़क पर बने गड्ढ़ों को भरने के लिए बालू-पत्थर गिराने का काम भी हुआ था। इसके बाद की जानकारी ग्रामीण को नहीं है। और न ही कोई योजना बोर्ड भी नही लगायी गयी है और मन मरजा ठिकेदार काम जैसे तैसे कर के खानापूर्ति कर जाते है।

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