प.चम्पारण – माझौलिया / प्रखंडों एवं पंचायतों को जोड़ने वाला जमींदारी बांध एवं उस पर बना ठोकर का जीर्णोद्धार नहीं होने से खतरे का बादल मंडरा रहें ।। 2 .श्रम कानूनों को समाप्त कर मोदी सरकार मजदूरों को बंधुआ व गुलाम बनाने का खेल, खेल रहीं हैं- ऐक्टू

बिहार हलचल न्यूज ,जन जन की आवाज

 रवि रंजन कुमारपाण्डेय की रिपोर्ट

मझौलिया/ तिरवाह क्षेत्र की कई प्रखंडों एवं पंचायतों को जोड़ने वाला जमींदारी बांध एवं उस पर बना ठोकर का जीर्णोद्धारनहीं होने से खतरे का बादल मंडरा रहा है। हरपुर गड़वा पंचायत के मुखिया पति अली असगर ने बताया कि 2017 में जल संसाधन विभाग के तरफ से जमीन दारी बांध एवं उस पर बना ठोकर क्षतिग्रस्त हो गया है ।बाढ़ की संभावना को देखते हुए समय पर जमीदारी बांध का जीर्णोद्धार नहीं कराया गया।  पूर्वी चंपारण के कई प्रखंड एवं थाना क्षेत्र के कई पंचायतों के लोगों को काफी परेशानी हो सकती है इस जमींदारी बांध को रोजगार सेवक बादल कुमार कनीय अभियंता दीनबंधु प्रसाद द्वारा निरीक्षण कराया गया है। बथना गांव के जमीन दारी बांध पर बनाआधा अधूरा ठोकर का जीर्णोद्धार किया जा रहा है ।जिससे कोई फायदा होने वाला नहीं है ।उन्होंने बताया कि समय पर इसका जीर्णोद्धारनहीं कराया गया तो कभी भी खतरा हो सकता है जिससे आसपास के क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानी होगी। वहीं जदयू के पंचायत अध्यक्ष जावेद अख्तर ने विभागीय अधिकारी से बरसात के पहले जीर्णोद्धार की मांग की है इस संदर्भ में कनीय अभियंता दीनबंधु प्रसाद ने बताया कि पंचायत के मुखिया को निर्देश दिया गया है कि मनरेगा पदाधिकारी से बात कर प्रारूप तैयार कराएं ।

2 .श्रम कानूनों को समाप्त कर मोदी सरकार मजदूरों को बंधुआ व गुलाम बनाने का खेल, खेल रहीं हैं- ऐक्टू

ऐक्टू सहित तमाम श्रमिक संगठनों के राष्ट्र व्यापी प्रतिवाद के तहत बिहार राज्य निर्माण मजदूर यूनियन के जिला संयोजक जवाहर प्रसाद के नेतृत्व में दर्जनों मजदूरों को लेकर अपने निवास स्थान करमवा में तो महाराज महतों, श्री महतों ने अपने निवास स्थान पारसा में तथा भरवलिया में पार्टी कार्यालय में फुलदेव कुशवाहा,धर्म कुशवाहा, जुनरवी देवान,रामानन्द साह, ने भाजपा सरकारों द्वारा लॉक डाउन के आड़ में मजदूरों को मालिकों,कॉपोरेटों का बंधुआ व गुलाम बनाने के अध्यादेशों के खिलाफ धरना दिया, लॉक डाउन के गाडलाइन को पालन करते हुए जिला संयोजक जवाहर प्रसाद ने कहा कि जो लम्बे संघर्षों और कुर्बानी के बाद लोकसभा से पारित केन्द्रीय कानून हासिल हुआ था, इतना ही नहीं कुछ श्रम कानून जो कि आजादी के दौर में बने है, उसको समाप्त कर देश के करोड़ो- करोड़ मजदूरों को मालिकों का गुलाम व अपने ही देश मे बधुआँ मजदूर बनाने की हिमाकत करने की दिशा में बढ़ गयी है, जो काम कभी विदेशी हुकूमत वाले अंग्रेज किया करते थे आज उन अंग्रेजो से भी आगे बढ़कर मोदी सरकार मजदूर विरोधी क्रूर निर्णय कर रही है। उस कानून को एक मुहिम के तहत भाजपा शाषित राज्यों ,यूपी,गुजरात, मध्यप्रदेश और बिहार सरकार ने 8 घण्टा काम को 12 घण्टा कर दिए जाने का अध्यादेश पारित किया है।
आज केन्द्रीय श्रम कानून के खिलाफ भाजपा साशित सरकारें मोदी सरकार के सहमति से एक के बाद एक अध्यादेश पारित कर रहीं हैं। इस दौरान मोदी-नीतीश सरकार शर्म करो ,मालिकों के तिजोरी भरने के लिये मजदूरों को बंधुआ बनाना बंद करो,श्रम कानून का सख्ती से पालन करना होग आदि नारा लगाते हुए आक्रोश व्यक्त कर रहे थे। इस प्रतिवाद कार्यक्रम को रिखी साह, महादेव राम, विनोद राम, शिवनाथ प्रसाद, नितेश कुमार,रामचंद्र प्रसाद,रामपति देवी शयाम कुमार, आदि लोगों ने नेतृत्व किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *