सीतामढ़ी – DM अभिलाषा कुमारी शर्मा खुद मोर्चा संभाल कर कोरोना को मात देने के लिए पूरी मुस्तैदी के साथ फिल्ड में

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सुधीर कुमार राय की रिपोर्ट

सीतामढ़ी/ कोरोना वारियर्स जिला पदाधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा खुद मोर्चा संभाल कर कोरोना को मात देने के लिए पूरी मुस्तैदी के साथ फिल्ड में उतर आयी है। जिसे देखकर जिले के कोरोना वारियर्स में एक नयी ऊर्जा का संचार हुआ है। जिले के कोरोना वारियर्स चाहे वह पुलिस कर्मी हो या मेडिकल टीम सभी अपनी जान की परवाह किए वैगर दुसरों की जान बचाने के लिए दिन रात एक कर दिये है।

यहां तक कि जिला पदाधिकारी स्वंय बाहर से आ रहे चाहे वह प्रवासी मजदूर हो या छात्र-छात्राएं सभी के लिए खुद मोर्चा संभाल कर पल पल की तैयारियों का जायजा ले रही है। यहां तक कि प्रवासी श्रमिकों की व्यवस्था को लेकर उनके द्वारा पूरी रात स्टेशन पर गुजारने से भी परहेज नहीं किया गया। स्टेशन पर श्रमिकों के आने से लेकर क्वारंटाइन सेन्टर तक पहुंचाने की सारी व्यवस्था यथा मेडिकल जांच, मास्क, सेनिटाइजर, खाने की व्यवस्था, बाल्टी, मग, लुंगी, गमच्छा सहित कई अन्य सुविधाएं जिला पदाधिकारी की निगरानी में उपलब्ध करायी जा रही है।
जिला पदाधिकारी द्वारा प्रवासी मजदूरों व छात्रों के आने के स्वागत में पूरे स्टेशन परिसर को फूल और मालाओं से सजा दिया गया। पूरी रात स्टेशन पर बिताते हुए स्टेशन पर गाड़ी पहुंचते ही अभिलाषा कुमारी शर्मा ने खुद एनाउंसमेन्ट काउंटर का कार्य भार संभाल लिया। जिसका नतीजा भी देखने को मिला। सभी लोग जिला पदाधिकारी से प्रभावित होकर सोशलडिस्टेंशिंग का पालन करते हुए मास्क व सेनेटाइजर ग्रहन कर रहे थे। जिला पदाधिकारी की आवाज कानों में गुंजते ही श्रमिकों व छात्रों के आंखों में खुशी की आंशु छलक रहे थे। जिला पदाधिकारी की इस व्यवस्था को देखकर सभी लोगों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार को धन्यवाद दिया। जिला पदाधिकारी के इस जज्बे और जुनून को देखकर यहां के सभी लोग उनके कायल हो चुके हैं और उनका प्रशंसा करते थकते नहीं है।
जिले में स्थित सभी क्वारंटाइन सेन्टर व आइसोलेशन सेन्टर का निरीक्षण जिले के वरिये पदाधिकारियों के साथ लगातार कर फीडबैक लिया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान फीडबैक के आधार पर तुरंत निपटारा हेतु संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया जाता है। जिस कारण क्वारंटाइन में रह रहे लोग काफी उत्साहित हैं। आज डीएम अभिलाषा कुमारी शर्मा एवं एसपी अनिल कुमार ने बैगेनिया स्थित इंडो नेपाल बॉर्डर पर पहुंच कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बॉर्डर पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरे, सामानों का स्कैनिंग करने वाली मशीन एवं अन्य व्यवस्थाओं का डीएम ने देखा। डीएम ने बॉर्डर पर उपस्थित सशस्त्र सीमा बल के जवानों विशेषकर महिला जवानों से मिलकर उनका हालचाल जाना ।उनके काम करने की परिस्थितियों का भी फीडबैक लिया। उन्होंने उनका हौसला अफजाई भी किया।
निरीक्षण के दौरान बच्चों से बातचीत किया गया। जिसमें छोटी सी मछली पानी में फिसली ,पापा ने पकड़ी और मैंने खा लिया । उक्त कविता कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय क्वॉरेंटाइन सेंटर में अपने माता-पिता के साथ रह रहे छोटे से बच्चे रिशु ने जब डीएम को सुनाई तो वहां उपस्थित सभी पदाधिकारी अपनी हंसी को रोक नहीं पाए। उक्त के क्वारेन्टीन सेन्टर में मुम्बई से आये कई महिलाएं अपने बच्चों के साथ रह रही है। उक्त सेन्टर की व्यवस्थाओ विशेषकर महिलाओ एवम बच्चो की देखरेख की जबाबदेही सीडीपीओ को दी गई है। सीडीपीओ रंजना गुप्ता की देखरेख में रह रहे महिलाओ एवम बच्चो के पोषण का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। बच्चो के ग्रोथ पर नजर रखी जा रही है। बच्चो को खिलौने के साथ-साथ स्कूल पूर्व शिक्षा भी दी जा रही है। निश्चित तौर पर इतने कम समय में सभी आवश्यक सुविधाओं के साथ-साथ पारिवारिक माहौल देखकर कहा जा सकता है कि क्वॉरेंटाइन सेंटर ने सराहनीय कार्य किया है ।इतना ही नहीं मुंबई से अपने माता पिता के साथ आए 5 वर्षीय आशीष ने जब माइक पकड़ कर उपस्थिति श्रमिक भाइयों को कोरोना से बचाव के संबंध में अपनी तोतली आवाज से बातें समझाई तो उस समय उपस्थित लोग तालियां बजाने से अपने आप को रोक ना सके ।डीएम अभिलाषा शर्मा ने भी सभी बच्चों के साथ घुलमिल कर बात किया ।उन्हें पेंटिंग की किताब के साथ साथ खेलने हेतु बैट बॉल आदि भी बच्चों को दिया। उन्होंने उपस्थित सीडीपीओ रंजना गुप्ता को निर्देश दिया कि सभी बच्चों को दूध के साथ साथ पोस्टिक पोषाहार खिलाते रहे। उन्होंने बच्चों के माताओं से भी मुलाकात कर कोरोना संक्रमण से बचाव की जानकारी के साथ-साथ उनके बच्चे के सेहत के संबंध में भी कई टिप्स दिए। डीएम ने सूप्पी के क्वॉरेंटाइन सेंटर में कोरोनावायरस के संक्रमण से बचाव हेतु किए जा रहे प्रचार प्रसार का भी जमकर तारीफ किया ।प्रचार प्रसार की सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि क्वॉरेंटाइन सेंटर में रहने वाले श्रमिक एवं उनके बच्चे द्वारा ही बड़े ही सहज रूप से महामारी से बचाव की जानकारी दी जा रही है।

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