लाॅकडाउन इफेक्ट – भगवान राम के ससुराल जनकपुर धाम में पहली बार नहीं मन सका रामनवमी का त्योहार

बिहार हलचल न्यूज ,जन जन की आवाज

रिपोर्ट – अंजुम

कोरोना महामारी ने भक्तों को भगवान की दर्शन नहीं करने पर किया विवस

इस अवसर पर लाखों कि संख्या में पहुंचते थे श्रद्धालु, इस वर्ष फिका रहा रामनवमी

कोरोना महामारी को लेकर जानकी मंदिर का मुख्य द्वार बंद,परिसर में सन्नाटा

 

हरलाखी- भारत-नेपाल समेत पुरे विश्व में फैले नवल कोरोना वायरस को लेकर भगवान राम के ससुराल जनकपुर धाम में पहली बार राम नवमी त्यौहार नही मना। बताते चले कि मंदिर के सहायक महंथ रामरोशन दास ने बताया कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जिला प्रशासन के आदेश पर रामनवमी से तीन दिन पहले हि मंदिर के मुख्य द्वार को बंद कर दिया गया, ताकि मंदिर में भीड़ भाड़ ना हो।उन्होंने बताया कि बिक्रम सम्बद् १९११ में स्थापना के बाद 109 वर्ष के इतिहास में पहली बार जानकी मंदिर का मुख्य द्वार बंद किया गया है। उन्होंने बताया कि रामनवमी के अवसर पर मंदिर के भीतर हि विशेष पुजा अर्चना किया गया। वहीं मंदिर के बाहर पुरी तरह लाकडाउन का पालन करते हुए ,सन्नाटा पसरा रहा।इधर रामनवमी के अवसर पर भगवान की दर्शन नहीं होने से श्रदालुओं में मायूसी है।लोग अपने-अपने घरों में हि भगवान का पुजा अर्चना किए ।बताते चले कि इस अवसर पर हर वर्ष जनकपुर धाम में भारत नेपाल के लाखों श्रदालुओं की भीड़ होती है ।

रामनवमी कमिटी की ओर से सीताराम की जयघोष के साथ विशाल जुलूस निकाली जाती है,विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम होती है,मेला का आयोजन होती है।मंदिर को दुलहन कि तरह सजाया जाता है।मंदिर में भगवान की दर्शन को ले लाखों भक्तों की भीड़ होती है,लेकिन कोरोना की महामारी ने भक्तों को पुरी तरह से मायूस कर दिया, या यूँ कहें कि इस खतरनाक वायरस ने भक्तों को भगवान से भी दूर रहने को विवश कर दिया। जहां इस अवसर पर पूरे मिथलांचल और नेपाल के श्रदालुओं से पटा रहता था।अवशोस यहा ईस वर्ष काभी सुन सान है । और लोग लाकडाउन का बेहतर पालन कर रहे है ।

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