दिल्ली – निर्भया के माता-पिता ने कहा कि अंततः हमारी बेटी को इंसाफ मिला उन्होंने न्यायपालिका सरकार और राष्ट्रपति को धन्यवाद दिया

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रिपोर्टर – संजय कुमार

दिल्ली/ रोना, माफी मांगना, जमीन पर लेटना कुछ भी काम नही आया आखिरकार फाँसी के फंदे पर लटकाया ही गया निर्भया के चारो आरोपी को सवा सात साल पहले दिल्ली की सड़कों पर निर्भया के साथ दरिंदगी करने वाले चारों दोषियों विनय, अक्षय, मुकेश और पवन गुप्ता को दिल्ली की तिहाड़ जेल में आज यानी शुक्रवार सुबह साढ़े पांच बजे एक साथ फाँसी के फंदे पर लटकाया गया ,और इनके शवों को पोस्टमार्टम के लिए दीनदयाल उपाध्याय हॉस्पिटल ले जाया गया है। फाँसी के आधे घंटे बाद चारों की मौत की पुष्टि की गई ,और 6:20 पर शव को फंदे से उतारा गया दूसरी तरफ निर्भया के माता-पिता ने कहा कि अंततः हमारी बेटी को इंसाफ मिला उन्होंने न्यायपालिका सरकार और राष्ट्रपति को धन्यवाद किया। जेल सूत्रों के मुताबिक, निर्भया के गुनहगारों को गुरुवार की रात बेचैनी में गुजारी और उन्हें रात भर नींद नहीं आई फांसी देने से पहले तिहाड़ जेल के अधिकारी तड़के 4:00 बजे से करीब चारों की सेल में पहुंचे और जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद इनसे नहाने व कपड़े बदलने के लिए कहा दोषी विनय ने कपड़े बदलने से इंकार कर दिया और रोते हुए माफी मांगने लगा। सेल से बाहर लाने से पहले इन चारों को सफेद कुर्ता और पैजामा पहनाया गया। इसके बाद दोषियों को जेल प्रशासन की ओर से चाय नाश्ता के लिए पूछा गया लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया जेल प्रशासन की ओर से दोषियों से उनकी आखिरी इच्छा पूछी गई फांसी देने से पहले चारों के हाथ पीछे की ओर करके जब बांधे जा रहे थे तो दो दोषी इसके लिए तैयार नहीं हो रहे थे लेकिन उनकी नहीं सुनी गई फांसी के लिए जब उनको ले आया जा रहा था तो एक दोषी जमीन पर लेट गया उसके बाद चारों के चेहरे व को काले कपड़े से ढक दिया गया और गले में रस्सी बांधी गई इनके दोनों पैर भी बांध दिए गए थे। ताकि फांसी देते वक्त इन के दोनों पैर अलग-अलग नाहिले ठीक 5:30 बजे जेल सुपरिटेंडेंट का इशारा मिलते ही पवन जल्लाद ने लिवर खींच दिया।

फांसी दिए जाने से 1 दिन पहले निर्भया के गुनहगारों के वकील ने भी उन्हें बचाने की तमाम हथकंडे अपनाए पर काम ना आए वकील एपी सिंह ने दिल्ली हाई कोर्ट में डेथ वारंट को टालने के लिए याचिका दायर की गई लेकिन गुरुवार रात 12:30 बजे के करीब दोषियों के खिलाफ फैसला आया उसके बाद ए पी सिंह ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया पर वहां भी निर्भया की दोषी कुछ ऐसी दल नहीं दे सके जिसकी वजह से फांसी टले। शुक्रवार तड़के करीब 3:30 बजे मजे सुप्रीम कोर्ट ने भी इस याचिका को खारिज कर दिया।

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