मधुबनी – गवन के आरोप में पंचायत सचिव पर अनिवार्य सेवानिवृति का दंड अधिरोपित ,सरकारी राशि की वसूली हेतु सर्टिफिकेट केस करने का जिला पदाधिकारी ने दिया निदेश । 2. मधुबनी – चकदह स्थित पोखर का जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण हेतु समुचित सुझाव/प्रस्ताव देने का जिला पदाधिकारी ने दिया निदेश

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रिपोर्ट – न्यूज़ डेक्स

मधुबनी/ इंद्रदेव झा पंचायत सचिव प्रखंड कार्यालय, झंझारपुर के विरूद्ध प्रखंड विकास पदाधिकारी, झंझारपुर के पत्र के आलोक में झंझारपुर प्रखंड अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2013-14 की 13 वीं वित्त के विभिन्न 14 योजनाओं में कुल मो0 47,80,000 प्राप्त किये गये अग्रिम के विरूद्ध श्री झा द्वारा मो0 24,45,664 का मापी पुस्त/अभिश्रव/मास्टर रौल इत्यादि कार्यालय को हस्तगत कराया गया एवं शेष मो0 23,34,336 लंबित रहने तथा उनके द्वारा कार्य प्रारंभ नहीं करने तथा कार्य संपादन में अपेक्षित अभिरूचि नहीं लेने तथा सरकारी राशि का दुरूपयोग एवं वित्तीय अनियमितता करने के आरोप में जिला पदाधिकारी, मधुबनी के द्वारा श्री झा को बिहार सरकारी सेवक(वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील नियमावली 2005) के नियम 9(1) (क) एवं (ग) के आलोक में तात्कालिक प्रभाव से निलंबित करते हुए मुख्यालय बेनीपट्टी अनुमंडल निर्धारित किया गया। साथ ही प्रखंड विकास पदाधिकारी, झंझारपुर से आरोपित कर्मी के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारंभ करने हेतु आरोप पत्र प्रपत्र-क की मांग अनुमंडल पदाधिकारी, झंझारपुर के माध्यम से की गयी थी।प्रपत्र-क में गठित आरोपों, आरोपी कर्मी का स्पष्टीकरण एवं उसके साथ संलग्न साक्ष्यों, उपस्थापन पदाधिकारी का लिखित पक्ष एवं साक्ष्यों, आरोपी कर्मी का आपत्ति आवेदन, आपत्ति आवेदन पर उपस्थापन पदाधिकारी-सह-प्रखंड विकास पदाधिकारी, झंझारपुर द्वारा समर्पित बिन्दुवार मंतव्य के अवलोकन एवं विवेचन से स्पष्ट है कि आरोपी कर्मी योजना अभिकत्र्ता नियुक्त किये गये थे, आरोपी कर्मी द्वारा योजना में एकरारनामा किया गया, उनके आवेदन पर ही अग्रिम दिया गया, उनका यह कथन कि मौखिक आदेश पर उन्होंने किसी अन्य व्यक्ति को योजना कार्यान्वयन हेतु दे दिया था, यह उनकी स्वच्छेचारिता को प्रदर्शित करता है। आरोपी कर्मी ने कोई भी ऐसा प्रमाणिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया जिससे यह स्पष्ट हो सके कि तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी के लिखित आदेश पर तत्कालीन प्रखंड प्रमुख के द्वारा पेटी काॅन्ट्रैक्टर के रूप में योजना को पूर्ण कराने हेतु आरोपी पंचायत सचिव से राशि प्राप्त की हो। किसी के बचत खाता में राशि जमा करना यह प्रमाणित साक्ष्य नहीं माना जायेगा कि उक्त राशि योजना के रूप में योजना अभिकत्र्ता ने अग्रिम प्राप्त कर दूसरे व्यक्ति के बचत खाता में राशि को जमा कर दिया। आरोपी कर्मी ने अपने स्पष्टीकरण में यह भी लिखा है कि उन्होंने मो0 47,80,000 रूपये विभिन्न योजना मद में प्राप्त किया था, जिसके विरूद्ध मो0 24,45,664 रूपये मात्र का कार्य कराया, किंतु अवशेष राशि मो0 23,34,336 रूपये उनके जिम्मे नहीं बल्कि तत्कालीन प्रखंड प्रमुख स्व0 शंकर चौधरी के जिम्मे रह गया। एक तरफ उनका कथन है कि तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, झंझारपुर के मौखिक आदेश पर तत्कालीन प्रखंड प्रमुख को प्राप्त अग्रिम देते गया किन्तु उन्होंने अपने स्पष्टीकरण में यह स्वीकार किया कि मो0 24,45,664 रूपया का कार्य कराया। आरोपी कर्मी का स्पष्टीकरण ही संदेह पैदा करता है कि इतनी बड़ी सरकारी रकम इन्होंने योजना संचालन के नाम पर ले लिया और योजना कार्य पूर्ण नहीं कराया जो एकरारनामा में दिये गये शर्तो के विरूद्ध है। आरोपी कर्मी का कथन दलील मात्र है, प्रमाणित साक्ष्य के अभाव में अरोपी कर्मी के विरूद्ध प्रपत्र-क में गठित आरोप संख्या-01,02,03 एवं 04 प्रमाणित पाया गया।
तत्पश्चात जिला पदाधिकारी, मधुबनी के द्वारा इस मामले की समीक्षा की गई। समीक्षोपरांत पाया गया कि श्री इंद्रदेव झा, पंचायत सचिव, प्रखंड-झंझारपुर के विरूद्ध लगाये गये आरोप एवं संलग्न साक्ष्यों, आरोपी कर्मी का स्पष्टीकरण एवं उसके साथ संलग्न साक्ष्यों, उपस्थापन पदाधिकारी-सह-प्रखंड विकास पदाधिकारी, झंझारपुर का मंतव्य एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जांच प्रतिवेदन/अधिगम के आधार पर जिला पंचायत राज पदाधिकारी, मधुबनी, उप-विकास आयुक्त, मधुबनी एवं विशेष कार्य पदाधिकारी की टिप्पणी से यह स्पष्ट होता है कि आरोपी कर्मी श्री इंद्रदेव झा द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा में विभागीय कार्यवाही से अलग कोई साक्ष्य/जानकारी उपलब्ध नहीं कराया गया है। फलतः द्वितीय कारण पृच्छा अस्वीकृत किया गया। श्री झा द्वारा विभिन्न योजना मद में मो0 47,80,000.00 अग्रिम प्राप्त किया गया था, जिसके विरूद्ध मो0 24,45,664.00 का कार्य कराया गया। अवशेष राशि मो0 23,34,336.00 के विरूद्ध क्रिमिनल मिशलेनियस नं0 8561/2018 में माननीय उच्च न्यायालय के आदेश से मो0 500,000.00 रूपया मात्र नाजिर रसीद संख्या-522948, दिनांक-12.04.2018 द्वारा प्रखंड नजारत, झंझारपुर में जमा किया गया है, परंतु अब भी श्री झा से मो0 18,34,336.00 वसूलनीय है। स्पष्टतः यह सरकारी राशि का गवन है। इसके लिए श्री झा दोषी है।
तत्पश्चात वर्णित स्थिति में जिला पदाधिकारी, मधुबनी के द्वारा बिहार सरकारी सेवक नियमावली 2005 के तहत श्री इंद्रदेव झा, पंचायत सचिव, प्रखंड झंझारपुर को अनिवार्य सेवानिवृति का दंड अधिरोपित किया गया। साथ ही प्रखंड विकास पदाधिकारी, झंझारपुर को आदेश दिया गया कि शेष मो0 18,34,336.00 रूपये वसूली की कार्रवाई हेतु सर्टिफिकेट केस दर्ज करेंगे साथ ही राशि वसूली हेतु नियमानुसार अन्य सभी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। प्रखंड विकास पदाधिकारी, झंझारपुर इस आशय की प्रविष्टि श्री झा के सेवा पुस्तिका में लाल स्याही से करेंगे।

2. मधुबनी – चकदह स्थित पोखर का जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण हेतु समुचित सुझाव/प्रस्ताव देने का जिला पदाधिकारी ने दिया निदेश

मधुबनी/ जिला पदाधिकारी के द्वारा कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल, मधुबनी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, मधुबनी एवं कार्यक्रम पदाधिकारी, मनरेगा राजनगर को चकदह स्थित एक मात्र पोखरा बाबा चंदेश्वर नाथ मंदिर पोखर का जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण हेतु समुचित सुझाव/प्रस्ताव 7 दिनों के अदर भेजने का निदेश दिया गया है। पत्र के माध्यम से निदेश दिया गया है कि श्री शिवनाथ चौधरी, अध्यक्ष, म0वि0स0 चकदह मधुबनी एवं अन्य 126 व्यक्तियों द्वारा हस्ताक्षरित आवेदन पत्र कि विषय-वस्तु की जांच कर विभागीय निदेश के आलोक में समुचित सुझाव/प्रस्ताव 7 दिनों के अंदर भेजना सुनिश्चित करें।

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