दरभंगा – मैथिली शोध पत्रिका का विमोचन कुलपति के हाथों से सम्पन्न । 2.दरभंगा /सिंगल यूज प्लास्टिक की रोकथाम में महिलाओं का योगदान महत्वपूर्ण :महापौर । 3. दरभंगा – लहेरियासराय /सीपीआई, सीपीआई(एम), भाकपा माले,एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) के संयुक्त में महाधरना

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ब्यूरो – अजित कुमार सिंह

दरभंगा / विश्वविद्यालय मैथिली विभाग के सौजन्य से आयोजित विमोचन कार्यक्रम के मुख्यअतिथि सह विमोचनकर्ता  कुलपति प्रो० सुरेन्द्र कुमार सिंह ने मैथिली विभाग को बधाई दी तथा उन्होंने कहा कि मैथिली शोध पत्रिका यूजीसी के तहत रेफड जेनल की कोटि में हो,इसके लिए मैंने पूर्व में ही यूजीसी को अनुशंसा किया हूँ चूंकि मैथिली शोध पत्रिका रेफड का प्रारूप ले चुका है इसलिए इसमें कुछ संशोधन आवश्यक है । इस सन्दर्भ में उन्होंने विभाग को सलाह दी कि आगामी शोध पत्रिका में सम्बन्धित सन्दर्भ को क्रमवद्धता एवं वर्षानुसार सजाने से पत्रिका शोध हेतु महत्वपूर्ण एवं उपयोगी सिद्ध होगी ।
विशिष्ट अतिथि प्रो० भीमनाथ झा ने कहा कि पत्रिका के दीघकालीन महत्त्व के लिए निरीक्षण-परीक्षण आवश्यक है।उन्होंने पत्रिका को दो खंडों में प्रकाशित करने की सलाह दी । स्वागत भाषण पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो०रमण झा ने किया । उन्होंने शोध पत्रिका के विभिन्न तात्विक पक्षों की व्यापक चर्चा की ।समारोह की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रो० प्रीती झा ने की । उन्होंने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मेरे कार्यकाल में ससमय शोध पत्रिका का विमोचन  कुलपति के हाथों से हुआ है ।

उक्त सारस्वत समारोह में समाज विज्ञान संकाय के डीन प्रो० अनिल कुमार झा,अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो०हिमांशु शेखर, अग्रेंजी विभागाध्यक्ष ए० के० वच्चन,हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो० चन्द्र भानु प्रसाद सिंह,संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो० जीवानंद झा,मैथिली विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो० धीरेन्द्र नाथ मिश्र,प्रो० नीता झा,प्रो० अरूनिमा सिंह,प्रो० कुलानंद यादव,प्रो०जयशंकर झा,प्रो० जितेन्द्र नारायण एवं अन्य गणमान्य तथा छात्र – छात्राओं ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से समारोह को सफल बनाया । मंच संचालन विभाग के शिक्षक तथा परीक्षा नियंत्रण प्रो० अशोक कुमार मेहता ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रो० नारायण झा ने किया । प्रो० नारायण झा ने अपने सम्बोधन में मिथिला मैथिली के संवद्धन हेतु कुलपति के विभिन्न कार्यो का उल्लेख करते हुए कुलपति के प्रति आभार ज्ञापित किया ।कार्यक्रम का शुभारंभ नीतु कुमारी द्वव एवं अनुपम कुमारी के द्वारा गोसोउनिक गीत से किया गया तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में दीपक कुमार, रौशन कुमार यादव एवं विभागीय कर्मी अनिल कुमार का महत्वपूर्ण योगदान  ।

2 . दरभंगा /सिंगल यूज प्लास्टिक की रोकथाम में महिलाओं का योगदान महत्वपूर्ण :महापौर

दरभंगा / प्लास्टिक की रोकथाम में महिलाओं का योगदान सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।यदि महिलाएं घर से इसकी शुरुआत करें तो इस पर पूरी तरह रोकथाम लग सकती है।आज बदलते दौर में नारी पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं। उक्त बातें दरभंगा नगर निगम की मेयर वैजयंती खेरिया ने सी एम कॉलेज, दरभंगा की महिला प्रकोष्ठ द्वारा “सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोकथाम” विषय पर आयोजित सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में कहा। दरभंगा शहर के प्रथम नागरिक के रूप में महापौर वैजयंती खेरिया ने सेमिनार में सभी लोगों को सिंगल यूज़ प्लास्टिक का प्रयोग नहीं करने का संकल्प दिलाते हुए कहा कि प्लास्टिक का बढ़ता प्रयोग पर चिंता की बात है।मेयर ने प्लास्टिक को कैंसर का प्रमुख कारण बताया। महापौर ने अपील की कि सरकार के प्लास्टिक प्रतिबंध में आमजन शामिल होकर इसे सफल बनाएं।अध्यक्षीय संबोधन में प्रधानाचार्य डॉ मुश्ताक अहमद ने कहा कि सिंगल यूज़ प्लास्टिक का प्रयोग एवं उसके दुष्प्रभाव पूरी दुनिया के लिए चिंतनीय है।इसके अधिक प्रयोग एवं इसके प्रदूषण से लोग बीमार हो रहे हैं।सिर्फ दिल्ली में 60 वर्ष से अधिक अवस्था के 22% से अधिक लोग दमा के शिकार हैं।आज हम इसके प्रति जागरूक नहीं होंगे तो इसके बढ़ते प्रदूषण संपूर्ण मानव जाति के लिए जानलेवा सिद्ध होगा।उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर इस पर प्रतिबंध प्रशंसनीय है।इस पर रोकथाम हेतु शिक्षित वर्गों को आगे आना होगा,क्योंकि यह वर्ग ही भविष्य के बारे में ज्यादा अच्छी तरह सोच समझ सकता है।यदि छात्राएं दृढ़ संकल्पित हों तो प्लास्टिक के प्रयोग पर प्रतिबंध संभव है।प्रधानाचार्य ने महाविद्यालय के विमेन सेल की सक्रियता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा,जिसमें एनएसएस, एनसीसी तथा अन्य छात्र-छात्राएं भी शामिल होंगे।उन्होंने तत्काल महाविद्यालय परिसर में सिंगल यूज़ प्लास्टिक के प्रयोग पर रोक लगाने की घोषणा की।मुख्य वक्ता के रूप में नागेंद्र झा महिला महाविद्यालय की वनस्पति विज्ञान विभाग की प्राध्यापिका डॉ धर्मशिला गुप्ता ने कहा कि यह विषय अत्यंत ही गंभीर एवं समसामयिक है। हम अपने दैनिक जीवन में सिंगल यूज़ प्लास्टिक का बहुत अधिक प्रयोग करते हैं,जिसके कारण प्रदूषण के साथ-साथ ग्लोबल वार्मिंग भी बढ़ता जा रहा है।इससे अनेक पक्षियों, जानवरों तथा मछलियों आदि का अस्तित्व ही समाप्त होता जा रहा है।उन्होंने आह्वान किया कि हम सभी अपने सामानों,सब्जियों आदि के लिए अपने घर से जूट तथा कपास के बने थेले ले जाएं तथा दुकानदारों से प्लास्टिक थैले के लिए मना करें। विश्वविद्यालय के पूर्व एनएसएस समन्वयक डॉ आर एन चौरसिया ने कहा कि प्लास्टिक आसानी से न तो सरता है न ही गलता है।यह जलने पर अनेक विषैली गैसों तथा प्रदूषणों को फैलाता है। प्लास्टिक हमारे स्वास्थ्य के लिए तो हानिकारक है ही इससे खेतों की उर्वरा-शक्ति भी नष्ट होती है।आज बड़े शहर प्लास्टिक के बोझ तले दबे जा रहे हैं। यह शहरी ड्रेनेज-व्यवस्था को भी ध्वस्त कर रहा है।कुल प्लास्टिक प्रयोग का हम 50% सिंगल यूज प्लास्टिक इस्तेमाल करते हैं और करीब 700 टन प्लास्टिक कचरा प्रतिदिन पैदा करते हैं। महाविद्यालय आइक्यूएसी के कोऑर्डिनेटर डॉ जिया हैदर ने कहा कि प्लास्टिक प्रतिबंध के लिए कानूनी-शक्ति भी जरूरी है,परंतु इस पर पूर्ण प्रतिबंध जन जागरूकता से ही संभव है।हम शपथ लें कि भविष्य में न तो प्लास्टिक का प्रयोग करेंगे न ही दूसरों को करने देंगे।विषय प्रवेश कराते हुए महिला कोषांग कि संयोजिका प्रो इंदिरा झा ने कहा कि महिला प्रकोष्ठ के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है,क्योंकि आज दरभंगा शहर की प्रथम नागरिक महापौर बैजयंती कैरियर यहां आयी हैं।हम सभी कृत संकल्पित हैं कि 2022 तक प्रधानमंत्री के संकल्प को पूरा करते हुए प्लास्टिक मुक्त स्वच्छ भारत का निर्माण करेंगे।उन्होंने महाविद्यालय में काफी अधिक संख्या में महिला प्राध्यापकों की नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विश्वविद्यालय के प्रति आभार व्यक्त किया।महिला कोषांग की छात्रा प्रतिनिधि अनुष्का ने संगोष्ठी का फीडबैक प्रस्तुत किया। आगत अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ तथा शॉल प्रदान कर किया गया।संगोष्ठी में प्रो मंजू राय, डॉ एकता श्रीवास्तव,प्रो दिव्या झा,डॉ रीना कुमारी,प्रो रागिनी रंजन, प्रो अभिलाषा झा,डॉ राफिया काजमी, डॉ तनीमा कुमारी, डॉ चंदा कुमारी,डॉ मीनू कुमारी,इं.प्रेरणा कुमारी,डा रितिका मौर्य,डॉ दिव्या शर्मा, डॉ प्रीति त्रिपाठी,डा मीनाक्षी राना,डॉ रीता दुबे सहित एक सौ से अधिक शिक्षिकाओं एवं छात्राओं ने भाग लिया। स्वागत गीत जया कुमारी ने तथा मंगलगान रचना रितु ने प्रस्तुत किया।कार्यक्रम का प्रारंभ सामूहिक दीप प्रज्वलन से हुआ।डॉ प्रीति कनोडिया के संचालन में आयोजित संगोष्ठी में आगत अतिथियों का स्वागत महिला कोषांग की सदस्या प्रो शिप्रा सिन्हा ने किया,जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ पुनीता कुमारी ने किया। भवदीय प्रो इंदिरा झा, संयोजक,महिला कोषांग।

 

3. दरभंगा – लहेरियासराय /सीपीआई, सीपीआई(एम), भाकपा माले,एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) के संयुक्त में महाधरना

दरभंगा – लहेरियासराय /सीपीआई, सीपीआई(एम), भाकपा माले,एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) के संयुक्त तत्वावधान में कर्पूरी प्रतिमा गोलंबर चौक पर महा धरना का आयोजन किया गया। भाकपा के विश्वनाथ मिश्र, माकपा के केवल ठाकुर, भाकपा माले के सत्यनारायण मुखिया, एस यू सी आई (कम्युनिस्ट) के सुरेंद्र दयाल सुमन के अध्यक्ष मंडली में कार्यक्रम की शुरुआत किया गया। सभा को भाकपा के पूर्व जिला सचिव एवं राज्य परिषद सदस्य कॉमरेड राम कुमार झा ने संबोधित करते हुए कहा कि देश में मोदी सरकार के जनविरोधी, मजदूर विरोधी एवं राष्ट्र विरोधी नीतियों के चलते अर्थव्यवस्था का रफ्तार गिरता जा रहा है। कृषि में सरकारी निवेश कम कर देने के चलते खेती घाटे का सौदा हो गया है। संगठित-असंगठित क्षेत्रों में लाखों मजदूरों को बेरोजगार बना दिया गया है। माकपा के जिला सचिव अविनाश कुमार ठाकुर मंटू जी ने कहा कि सरकार कॉरपोरेट घरानों को राष्ट्रीय खजाने से ₹175000 करोड़ उपहार देने जा रही हैं। रेलवे,स्टेशन, बैंक बीमा, खनिज, कोयला, खान, बीएसएनएल, एमटीएनएल आदि कल कारखानों को निजीकरण कर बेचा जा रहा हैं ।भाकपा माले के जिला सचिव ने कहा कि खाद्य सुरक्षा सामाजिक सुरक्षा पेंशन मनरेगा को गंभीर साजिश के तहत खत्म कर देना चाहती है। सीलिंग और बटाईदारी कानूनों को सख्ती से लागू नहीं कर रही है। न्यूनतम वेतन और समान काम का समान वेतन जैसे फैसलों को बिहार और केंद्र सरकार अंगूठा दिखा रहे। एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) के जिला सचिव लाल कुमार ने कहा केंद्र की भाजपा नीत सरकार पूर्व की कांग्रेस सरकार की नीतियों पर चलते हुए वैश्वीकरण भूमंडलीकरण और निजीकरण की नीतियों को तेजी से लागू करने का काम कर रही है। इसी का नतीजा है कि देश के तमाम सार्वजनिक उपक्रमों को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है। जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर में कटौती हुई है। पूंजीवादी व्यवस्था के गहरे संकट के कारण देश मंदी मार झेल रहा है। उन्होंने उपास्थि तमाम वामपंथी साथियों से कॉरपोरेट परास्त नीतियों के खिलाफ वाम जनवादी ताकतों को एकजुट होकर के जन आंदोलन तेज करने का आह्वान किया।
सभा को संबोधित करने वालों में सीपीआई(एम) से पार्टी के राज्य सचिव मंडल सदस्य ललन चौधरी, श्याम भारती, जिला सचिव मंडल सदस्य सुधीर ठाकुर, महेश दुबे, नरेंद्र मंडल, रामधनी, मोहम्मद कलाम, सुधीर पासवान, भाकपा माले से देवेंद्र कुमार, शिवम यादव, सदीक भारतीय, योगेंद्र राम, भूषण मंडल, अभिषेक कुमार, सनीचरि देवी, एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) से रोशन कुमार रवि, मोजाहीद आजम, ललित कुमार झा, विजय कुमार, माकपा से नथुनी कुमार झा, अनिल महाराज, सुबोध चौधरी, भाकपा से सहायक जिला सचिव सुधीर कुमार, चंदेश्वर सिंह, सबी अहमद, विवेक, राज कुमार चौधरी, शशिकांत चौधरी, रामयाद महतो, अहमद अली, तमन्ना, मणिकांत झा, राधेश्याम मंडल, राम नरेश राय, सुधीर राम, आशुतोष मिश्र आदि वक्ताओं ने संबोधित किया वक्ताओं ने कहा कि जन वितरण में भयंकर कालाबाजारी है। प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता और भ्रष्टाचार है। दरभंगा जिला में अफसरशाही बेलगाम हो गया है। गरीबों को अतिक्रमण के नाम पर उजारने की साजिश चल रही है। मोदी और नीतीश सरकार में जमींदारों सामंतों का मनोबल बढा है। दलित महिला और अल्पसंख्यकों पर तेजी से अत्याचार हो रहा है। कल्याणकारी योजनाओं में लूट मचा हुआ है। ठेकेदार दलाल बिचौलिया फल-फूल रहा है।
पटना और दिल्ली के सरकारों को चेताया कि गरीब हितैषी कल्याणकारी कानूनों का पालन करें। सार्वजनिक क्षेत्रों को बेचना बंद करें। रोजगार पैदा करने का काम करें, नहीं तो जन लामबंदी के बदौलत वामपंथी दलों द्वारा आर पार का संघर्ष का शंखनाद किया जाएगा। वक्ताओं ने एक प्रस्ताव पारित कर कहा कि दरभंगा में अस्पताल और केंद्रीय विश्वविद्यालय का स्थापना किया जाए। सुधीर कुमार, भाकपा,अविनाश कुमार ठाकुर, माकपा वैद्यनाथ यादव, भाकपा माले ,लाल कुमार एबं कई लोगोंं महजूद थे ।

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