दरभंगा – मौसम विभाग ने दिया भारी वर्षा की चेतावनी,डीएम ने सभी सीओ को अलर्ट रहने का निर्देश । 2. माँ श्यामा मंदिर न्यास समिति सदस्यों द्वारा वित्तिय अनियमितता की जांच निगरानी विभाग से कराने की माँग । 3 . दरभंगा  – विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक कंपनियों के सामान मिलेंगे एक छत के नीचे । 4 . दरभंगा – मिथिला विश्वविद्यालय को बंद करवाने हेतु ।

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ब्यूरो – अजित कुमार सिंह

दरभंगा / मौसम विभाग द्वारा दरभंगा एवं आस पास के जिलों मेँ अगले 24 घंटे तक भारी वर्षा होने की चेतावनी जारी किया गया हैं।आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा भी जिला प्रशासन को अलर्ट रहने को कहा गया हैं।उक्त सूचना के मद्देनज़र जिला प्रशासन द्वारा एहतियाती कार्रवाई शुरू कर दी गयी हैं।जिलाधिकारी दरभंगा डॉ त्यागराजन एस एम ने भारी वर्षा की चेतावनी के मद्देनज़र आज शाम मेँ वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग करके जिला के सभी एसडीओ एवं सीओ को सतर्क रहने का निर्देश जारी किया हैं।उन्हें अपने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से भी पूर्ण सतर्कता बरतने, किसी अफवाह पर ध्यान नहीं देने और छोटे छोटे बच्चों पर ध्यान रखने हेतु अपील करने को कहा गया हैं। वही बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल एवं जल संसाधन विभाग के अभियंताओं को तटबंधों की सुरक्षा पर नज़र रखने का निर्देश दिया गया हैं।

 

2 . माँ श्यामा मंदिर न्यास समिति सदस्यों द्वारा वित्तिय अनियमितता की जांच निगरानी विभाग से कराने की माँग

दरभंगा/ माँ श्यामा मंदिर न्यास समिति के सदस्यों द्वारा किए गए वित्तिय अनियमितता की जांच निगरानी विभाग से कराने की माँग को लेकर जदयू शिक्षक प्रकोष्ठ के वरीय प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ राममोहन झा के नेतृत्व में प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय, दरभंगा पर एक दिवसीय धरना का आयोजन किया गया।धरनार्थियों को संबोधित करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ राममोहन झा ने कहा कि उत्तर बिहार के आस्था के केन्द्र माँ श्यामा मंदिर श्रद्धालुओं का है। हजारो लोग प्रतिदिन आते है तथा रूपया, साड़ी एवं आभूषण सहित अन्य कीमती सामान माँ श्यामा को चढ़ाते हैं।पूरे उत्तर बिहार से लाखों श्रद्धालुओं यहाँ आकर लाखो रुपये, आभूषण एवं साड़ी माँ श्यामा को चढ़ाते है।
इतने बड़े आस्था के केन्द्र के साथ न्यास के लोग खिलवाड़ किया है। श्रद्धालुओं द्वारा दिये गए लाखो रुपये, आभूषण एवं साड़ी की लूट खसोट की गई है।वर्ष 2017 में पहली बार वित्तिय अनियमित उजागर हुई, इस संबंध में 22/08/2017 को प्रमंडलीय आयुक्त3 31/08/2017 ,को प्रशासन धार्मिक न्यास परिषद पटना तथा 20/12/2017 मुख्यमंत्री, बिहार सरकार को ज्ञापन सौंपा जिसे न्यास समिति के सदस्यों ने दावा दिया, विदित हो कि श्यामा मंदिर न्यास समिति का कार्यालय समाप्त कर गया था लेकिन पैसा तथा पैरवी के बल पर पुनः तीन साल के लिए बढ़ा दिया गया।
पुनः न्यास समिति के कोषाध्यक्ष रामनारायण मिश्र जी द्वारा जिलाधिकारी दरभंगा को वित्तिय अनियमिता की जाँच हेतु ज्ञापन दिया उस आलोक में जिलाधिकारी ने तीन सदस्यों की जांच समिति का गठन किया गया।
जांच समिति ने जांच के क्रम मे भारी मात्रा में वित्तिय अनियमिता पायी, रिपोर्ट जिलाधिकारी जी को सौंपा गया।
प्रश्न यह है कि जब वित्तिय अनियमितता साबित हो गई तो न्यास समिति के सदस्यों को सिर्फ हटाने की सिफारिश क्यो की गई । हटाने के साथ मुकदमा दर्ज करने तथा राज्य सरकार के ऑडिटर से ऑडिट करने की अनुशंसा क्यो नही की गई।डॉ झा ने प्रमंडलीय आयुक्त से मांग किआ की वित्तिय अनियमितता को देखते हुए इसमें शामिल सभी सदस्यों पर मुकदमा दर्ज करने , बिहार सरकार के ऑडिटर से ऑडिट कराने की माँग की।
डॉ मनोज कुमार झा, कृष्णानंद ठाकुर, प्रो ससिनाथ ठाकुर, प्रो प्रमोद राम, राजकुमार राम, चंद्रकांत मिश्रा, चंद्रमोहन चौधरी एवं सरोजानन्द झा ने संबोधन किया।
धरना के उरान्त संबंधित ज्ञापन आयुक्त को सौंपा गया।

3 . दरभंगा  – विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक कंपनियों के सामान मिलेंगे एक छत के नीचे

दरभंगा/ इलेक्ट्रॉनिक शो रूम का शुभारंभ शिवधारा चौक के निकट बाजार समिति पर हुआ। दरभंगा इलेक्ट्रॉनिक के प्रबंधक मो. मन्नत ने बताया कि एक ही छत के नीचे में विभिन्न प्रतिष्ठित सोनी, हायर , एल जी एभरी डे, आदि कंपनियों के, स्पीकर, फ्रिज , वाशिंग मशीन ,एलईडी, पंखा एसेसीरीज सामानों की बिक्री होगी। वहीं के पूर्व केन्द्रीय मंत्री अली अशरफ फातमीने बताया कि उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर कंपनी का सही सामान देना पहला लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने बताया कि एक छत के नीचे उपभोक्ताओं को विभिन्न कंपनियों के सामान उपलब्ध कराए जाएगा जो दरभंगा जैसे छोटे शहर के लिए गौरव की बात हैं इसके पहले लोगों को दूर जाना पड़ता था। शुभारंभ के मौके पर जाले के पूर्व विधायक राम निवास ,शीशो मुखिया शमशे आलम , मो. शबानी ,जदयू नेता नवाब अक्तर उपस्थित थे।

4 . दरभंगा /  मिथिला विश्वविद्यालय को बंद करवाने हेतु

दरभंगा छात्र संगठन एआईएसएफ, आइसा, एआईडीएसओ, छात्र राजद एमएसयू, एनएसयूआई के दर्जनों कार्यकर्ता सुबह के 9:30 बजे अपने घोषित कार्यक्रम मिथिला विश्वविद्यालय को बंद करवाने हेतु विश्वविद्यालय मुख्यालय पर पहुंच गए।मुख्यालय पर पहुंचते ही सभी कार्यालयों पर ताला जड़ नारेबाजी करने लगे और सभी मुख्य गेटों पर बैठकर छात्र संघ चुनाव की तिथि बढ़ाने की माँग को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। वही इस बंद का नेतृत्व आईसा के प्रदेश सह-सचिव संदीप कुमार चौधरी, एआईएसएफ के जिला सचिव शरद कुमार सिंह, छात्र आरजेडी के प्रवीण कुमार यादव, एनएसयूआई के प्रह्लाद कुमार, एमएसयू के अमन सक्सैना ने संयुक्त रूप से किया। बंद के ही दौरान विश्वविद्यालय मुख्यालय पर के मेन गेट पर एकत्रित होकर एआईडीएसओ के जिला सचिव ललित कुमार यादव की अध्यक्षता में एक सभा हुई। जिस को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि छात्र संघ चुनाव 2019-2020 की अधिसूचना छात्र विरोधी है। इस अधिसूचना से भारी मात्रा में आम छात्र-छात्राएं चुनाव से वंचित होते दिख रहे हैं। इसको लेकर हम लोगों ने 20 सितंबर को ही कुलपति को ज्ञापन दिया। जिस पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं होते देख उसी ज्ञापन के आलोक में कल हम लोगों ने विश्वविद्यालय मुख्यालय पर आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया। कल के प्रदर्शन के बाद विश्वविद्यालय के कई पदाधिकारियों के साथ वार्ता हुई जो विफल रहा। उसी के आलोक में आज अपने घोषित कार्यक्रम विश्वविद्यालय बंद को सफल बनाने हेतु हम यहां पर उपस्थित हुए हैं। छुट्टियों के बीच छात्रसंघ चुनाव कराकर छात्रसंघ चुनाव के नाम पर विश्वविद्यालय प्रसाशन मात्र खानापूर्ति कर रही है। वहीं वक्ताओं ने कहा कि समस्तीपुर जिले में लोकसभा उपचुनाव की अधिसूचना जारी हो गई है। पूरे जिला में धारा 144 लगी हुई है। इस बीच में छात्रसंघ चुनाव कैसे सफल होंगा? छात्र-छात्राएं कैंपस के अंदर कैसे अपना प्रचार प्रसार करेंगे? 30 सितंबर तक पीजी में नामांकन होगा। वही 23 सितंबर तक स्नातक प्रथम खंड में नामांकन हुआ है। लॉ कॉलेज में भी नामांकन प्रक्रिया चल ही रही है। वोटर लिस्ट भी 25 तक जारी करना था। मगर 50% कॉलेज ने भी वोटर लिस्ट जारी किया है। छात्र-छात्राएं जब कॉलेज कैंपस में कुछ दिन कक्षा नहीं करेंगे। तब तक वह कैसे चुनाव लड़ सकते है? इन सभी बातों को लेकर छात्र विश्वविद्यालय में अरे रहे। वही दोपहर के 2:00 बजे तक विश्वविद्यालय मुख्यालय स्थित सभी कार्यालय को आंदोलनकारियों ने बंद रखा। 2 बजे के उपरांत कुलसचिव और छात्रो के आग्रह पर परीक्षा विभाग को खोला गया। बंद के दौरान ही कुलसचिव विश्वविद्यालय मुख्यालय पहुंचे और छात्रों से वार्ता करने हेतु बुलाया। कुलसचिव कार्यालय में वार्ता के दौरान कुलसचिव, मुख्य चुनाव पदाधिकारी, उप कुलानुशासक, भू-संपदा पदाधिकारी मौजूद थे। जहाँ आन्दोलनकारियों को पदाधिकारियों ने मौखिक अश्वासन दिया कि कल दोपहर तीन बजे चुनाव संचालन कमिटी की बैठक कर के आपके सभी माँगो पर गंभीरता पूर्वक विचार कर छात्रो के पक्ष में ही निर्णय लेंगें। मौके पर एआईएसएफ के जिलाध्यक्ष शशिरंजन, छात्र नेता अवनीष कुमार, मो० मोबीन, रोशन कुमार, रणवीर यादव, आईसा के जिलाध्यक्ष प्रिंस राज, जिला सचिव विशाल माँझी, छात्र नेता मयंक कुमार, अमोद कुमार, एम एस यू के मनोहर कुमार, छात्र राजद के जिला उपाध्यक्ष मनीष सम्राट, रजनीश कुमार, राकेश कुमार राय, जिला महासचिव अनिल कुमार, रामेश्वर अमन, अभिरंजन कुमार, ललन कुमार, मोहित कुमार, मनंजय कुमार, सोनू कुमार, एआईडीएसओ के दयानंन्द यादव, हरेराम आदि थें।

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