बक्सर – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2022 तक किसानों की आमदनी दुगुना करने के संकल्प के सिद्धि हेतु काम करने का किया आह्वान

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रिपोर्ट – न्यूज डेक्स

बक्सर / माननीय केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री, भारत सरकार श्री अश्विनी कुमार चौबे जी ने कृषि विज्ञान केन्द्र (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना), लालगंज, बक्सर कार्यालय का मुल्यांकन सह समीक्षा बैठक की। कृषि विज्ञान केन्द्र, बक्सर के कार्यक्रम समन्वयक डॉ0 विश्वेन्दु द्विवेदी ने स्वागत किया तथा केन्द्र द्वारा अब तक की किये गये विभिन्न कार्यो/गतिविधियों से किसानों की 2022 तक आमदनी दोगुनी करने के लिए किये जा रहे विभिन्न कार्यों के बारे मे विस्तारपूर्वक जानकारी दी। जानकारी दी। केन्द्र के वैज्ञानिकों ने चल रहे विभिन्न परियोजनाआें जैसे सीसा परियोजना, क्लस्टर अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन, निकरा परियोजना, संस्थान डाकघर कार्यक्रम, सीड हब, आदि के कार्यों व उनके द्वारा किसानों के खेत पर चल रहे प्रयोंगो के बारे मे विस्तारपूर्वक जानकारी दी। माननीय मंत्री ने कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा लाभाविंत किसानों से भी बातचीत की तथा किसानों के महत्वपूर्ण सुझाव भी लिये। उन्होने कहा कि वैज्ञानिक जब भी किसानों के बीच में जाये, किसानों को फसल अवशेष न जलाने के बारे में जागरूक करें तथा अवशेष जलाने से होनेवाली नुकसान के बारे में भी किसान को बताये। वैज्ञानिको निर्देशित करते हुए कहा कि किसानों के खेत पर भी इस प्रकार के परीक्षण करके उनके परिणामों को दिखाया जाये। डॉ0 द्विवेदी ने इस पर प्रकाश डालते हुए जानकारी दी कि धान की फसल की कटाई के बाद हैप्पी सीडर का उपयोग करके गेहूँ की बुआई करने से अवशेष को जलाने की जरूरत ही नही पड़ती। डॉ0 देवकरन ने बताया कि वेस्ट डिकंपोजर के माध्यम से भी फसल के अवशेषों को कम समय मे ही सड़ाकर खाद के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। किसानों ने कहा कि इस कृषि विज्ञान केन्द्र, बक्सर के माध्यम से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए गृह विज्ञान के वैज्ञानिक की जरूरत हैं जिससे ग्रामीण महिलायें भी कृषि आधारित स्वरोजगार को अपना कर अपनी पारिवारिक आय को बढ़ा सकें। माननीय मंत्री ने कहा कि आज के समय में मशरूम उत्पादन को बढ़ावा दिया जाये तथा इसके के लिए आवश्यक प्रयोगशाला व मशरूम उत्पादन इकाई कृषि विज्ञान केन्द्र, बक्सर में लगाई जाये। इसके लिए उन्होने उच्च अधिकारियों से बात कर आवश्यक कारवाई का भरौसा किसानो को दिया।
प्रगतिशील किसान श्री राकेश सिंह ने कहा कि कृषि विज्ञान केन्द्र, बक्सर द्वारा दिये गये तकनीकी मार्गदर्शन को अपनाने से उनके कृषि कार्य के लागत खर्च मे काफी कमी आई। उन्होने मंत्री महोदय को बताया कि जहाँ पर एक एकड़ में 50 किलो उवर्रक लगते थे, अब वहाँ संतुलित उर्वरक (20 किलो) के प्रयोग से पहले की अपेक्षा ज्यादा उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। वहीं श्री कमलेश पाण्डेय ने जानकारी दी कि वे पहले गेहूँ की खेती से 5-6 क्विंटल / बीघा उत्पादन लेते थे, लेकिन आज केन्द्र के मार्गदर्शन से जीरे टीलेज तकनीकी को अपनाकर 10-12 क्विंटल/बीघा गेहूँ की उपज प्राप्त कर रहे हैं। जिले में मधुमक्खी पालक श्री मनोज कुमार ने बताया कि केन्द्र से जानकारी प्राप्त करने के बाद उन्होने 20 बक्सों से मधुमक्खी पालन का कार्य शुरू किया और आज उनके पास 600 मधुमक्खी बक्सें हैं। इस रोजगार से उनकी आर्थिक स्थिति में काफी प्रगति हुई है। इस रोजगार में लागत का 5 गुना लाभ प्राप्त होता हैं।
माननीय मंत्री जी ने बैठक के उपरांत कृषि विज्ञान केन्द्र, बक्सर के मृदा परीक्षण प्रयोगशाला, केन्द्र पर उपलब्ध विभिन्न कृषि यंत्र, मोबाईल बीज विद्यायन संयत्र, मधुमक्खी पालन प्रदर्शन इकाई, समेकित कृषि प्रणाली, अमरूद व आम की सघन बागवानी, धान सह मत्स्य पालन प्रदर्शन इकाईयों का भ्रमण किया तथा इसके द्वारा कैसे किसान लाभांवित हो रहे हैं इसकी की जानकारी प्राप्त की। इसके पूर्व उन्होने केन्द्र के परिसर में रूद्राक्ष का वृक्षारोपण किया।
इस अवसर पर कुल 58 प्रतिभागियों ने जिनमें किसान बंधु कमलेश सिंह, कमलेश पाण्डेय, सर्वजीत मिश्रा, कृष्णकांत तिवारी, गौरीशंकर, आशुतोष पाण्डेय के साथ जनप्रतिनिधियों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया। कृषि विज्ञान केन्द्र, बक्सर के डॉ0 देवकरन, डॉ0 मान्धाता सिंह, श्री हरिगोबिंद, श्री आरिफ परवेज, श्री भरत राम, श्री रवि चटर्जी, श्री राजेश कुमार राय, श्री सरफरोज अहमद खान, श्री अख्तर अली, श्री राकेश कुमार, श्री दीपक कुमार आदि ने सहयोग किया।

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