मधुबनी – लदनियां /स्वास्थ सेवायें बीमार डॉक्टर फरार, मरीजों पर होता अत्याचार

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संवाददाता – अनिल कुमार चौधरी

लदनियां / सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बदहाली से मरीज परेशान।यहां पर एक-एक सुविधा के लिए लोग तरस रहे है। स्थिति यह है कि स्वास्थ सेवक ड्रेसर और इंजेक्शन देने का काम करते है। यहां सात एमबीबीएस डॉक्टर पदस्थापित है लेकिन जब हम अस्पताल पहुंचे तो एक डॉक्टर,एक स्वास्थ सेवक,तीन नर्स ड्यूटी पे सोते हुए मिला। वार्ड ब्वॉय, फार्मासिस्ट, लैब कर्मी अनुपस्थित दिखा।

स्थानीय निवासी प्रसूता के जेठ चंदन साह ने बताया कि 6 घंटे पहले भर्ती करवाया हूं लेकिन अभी तक एक भी डॉक्टर मिलने नहीं आया। लोगों का कहना है यहां मरीजों के लिए किसी भी प्रकार का सुविधा नहीं है। यहां मरीजों को एक्सरे,खून जांच सभी महंगे मूल्यों पर बाहर से करवाना पर रहा है। इस पीएचसी में चिकित्सा संसाधन और चिकित्सक कर्मियों का कार्य कागज़ों तक ही सीमित है।जिस कारणवश मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता हैं।वहीं इलाज के लिए आये मरीज के परिजनों ने पीएचसी प्रबंधन पर मरीजों को अनदेखी का आरोप लगाता दिखा।मध्य रात्रि को इलाज के लिए आया स्थानीय मरीज अमित कुमार को उनके परिजनों ने स्ट्रेचर पर लेटा चिकित्सा कक्ष तक लाया।

क्योंकी वार्ड ब्वॉय अनुपस्थिति था।पीएचसी के बदहाली के बारे में जब डॉक्टर पी के मिश्रा से सवाल पूछा कि और डॉक्टर और चिकित्सा कर्मी कहां है तो उन्होंने स्पष्ट कहां डॉक्टर साहेब नहीं आए हैं।बिना कोई छुट्टी नोटिस के डॉक्टर साहेब हमेशा फरार रहते है। नर्स सपना कुमारी ने अपने बयान में कही कि हमेशा रात को मिश्रा सर ही रहते है बाकी के नर्सो को ये तक पता नहीं है कि डॉक्टर साहब कितने है।पीएचसी का बदहाली चिकित्सा कर्मियों के बयान से साफ होता है।जिस स्वास्थ सेवाओं के लिए एक पीएचसी पर सालाना लाखों रुपए खर्च सरकार कर रही है।उस सिस्टम को दीमक की तरह उसी सिस्टम के लोग सिस्टम को समाप्त करने में लगे है।जब कोई बड़ा घटना होता है तब जाकर सरकार और संबंधित विभाग हरकत में आता है।

खास बात है कि बुनियादी स्तर पर हो रहे मनमानी लूट, बदहाली और लापरवाही को ना ही विभागीय अधिकारी देखने वाला है और ना ही सरकार। अशिक्षित,गरीब,मजबुर जनता रोज अाये दिन इलाज़ के अभाव में दम तोड़ देती है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है छोटे – छोटे बीमारियों को लेकर जब पीएचसी पहुंचते है तो डॉक्टर साहब यहां इलाज नहीं होने का बहाना बना 50 किलोमीटर दूर सदर अस्पताल मधुबनी रेफर कर देते है।

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